पटना। रंगसाथी नाट्य दल की तरफ से नाटक मरणोपरांत का बेहद प्रभावशाली मंचन पटना में किया गया. सुरेंद्र वर्मा द्वारा लिखित और राहुल कुमार ओझा द्वारा निर्देशित नाटक दर्शकों को कई भावों में डुबोते हुए चला गया. दो पात्रों के आपस का संवाद कहानी के कई परतों को खोल रहा था.
कथासार- “मरणोपरांत” नाटक एक महिला की मृत्यु के बाद उसके पति और प्रेमी के बीच के मनोवैज्ञानिक द्वंद्व और जटिल संबंधों को दर्शाता है। यह नाटक एक दुर्घटना के बाद शुरू होता है, जहां दोनों पुरुष मृतक के रहस्यों और बेवफाई का पता लगाते हैं। यह एक त्रिकोणीय प्रेम कहानी है जो मृत्यु के बाद की स्थिति पर केंद्रित है। एक युवती की मृत्यु के बाद, उसका पति उसके प्रेमी से मिलता है, जिससे रिश्तों की पेचीदगियां और भावनात्मक संघर्ष उजागर होते हैं। यह नाटक रिश्तों की ईमानदारी, मानसिक उथल-पुथल और सच्चाई के सामने आने पर होने वाली प्रतिक्रियाओं को प्रभावी ढंग से दिखाता है।
मंच पर
राहुल कुमार ओझा- प्रेमी
रत्नेश पांडेय- पति
मंच परे
प्रस्तुति नियंत्रक- दिग्विजय कुमार तिवारी
संगीत- रामन्यार टारजन, पंकज कौशिक
कॉस्ट्यूम- मीना ओझा, सुभद्रा कुमारी












